A still from ALL THE BEST

A still from ALL THE BEST

संजय वि. शाह

बॉलीवूड को दो वरदान है. एक तो यहां पर अगर कोई एक फिल्म चल पडी़ तो कईं मॅकर्स उसी तरह की फिल्म बनाने को दौड़ पडते है. और दूसरा कि बडे़ स्टार्स यहां साधारण फिल्मों को (बूरी फिल्म नहि) सफलता की मंजि़ल तक पहूंचाने में मदद कर सकते है. अजय देवगन फिल्म्स की रोहित शेट्टी निर्देशित ऑल द बॅस्ट को भी उसकी गुणवत्ता से ज्यादा उसका स्टार पावर ज्या़दा लाभकर्ता साबित होगा. उस पर दिवाली का त्यौहार और साथ में रिलीज़ होने वाली दूसरी दो फिल्में खराब, ईसलिए ऑल द बॅस्ट दर्शकों को बेशक अच्छी लगेगी और निर्माताओं के लिये यह फिल्म वॅस्ट नहि बनेगी.

गोवा जैसी खुबसूरत जगह पर ईसका ९०% शूटिंग हुआ है. वीर (फरदीन खान) गोवा में रहता है और उसका (उम्र और पैसो दोनो से) बडा़ भाई धरम (संजय दत्त) परदेस से उसे हर महिने एक लाख रूपये भेजता है, लाईफ की गाडी़ चलाने के लिये. धरम से ऐसा कहा गया है कि वीर ने शादी कर ली है और वो अपनी बीवी विद्या (मुग्धा गोडसे) के साथ रहता है. सच ये है कि विद्या तो वीर की सिर्फ गर्ल फ्रॅन्ड है. वीर  ने यह जूठ अपने भाई से महिना पचास हजा़र के बदले दूगने पैसे पाने के लिये चलाया है, अपने दोस्त प्रेम चोपरा (अजय देवगन) के सुजा़व के अनुसार.

वीर रॉक बॅन्ड चलाता है और प्रेम कार मॅकेनिक है. प्रेम की बीवी जानवी (बिपाशा बसु) उसके पति को जायदाद में मिला खटारे जैसा जिम (पचास साल पहले यहां जिम हुआ करते थे?) चलाती है. होगा, हमे उससे क्या? उमदा मनोरंजन और नॉन स्टॉप लाफ्टर की बात रहने दिजिए, क्यूंकि फिल्म शुरू होने के बाद लंबे समय तक ऐसा कुछ हासिल नहि होता है. फिर धरम की एन्ट्री होती है. किसी आफ्रिकन देश जाने वाली उसकी फ्लाईट खराब होने से वो गोआ आ धमकता है और… अपना एक जूठ धरम से छूपने के लिये वीर और प्रेम नये नये तुक्के लडाते जाते है. उसमें से नये जूठ का जन्म होते जाता है. पैसों की उनकी मारामारी नयी गडबड खडी करते रहती है. बस, ईन्ही बातों को लेकर ऑल द बॅस्ट ऐसे आगे चलते रहती है कि धी एन्ड तक (वो भी ऐसा कि… जाने भी दो यारों) पहूंच जाती है.

सॉ, व्हॉट ईज सॉ गुङ अबाउट धीस फिल्म? वैसे तो कुछ भी नहि. सचमुच. डूडली की सिनॅमेटोग्राफी, प्रीतम का संगीत, कुमार के गीत, बॉस्को-सीज़र की कॉरियोग्राफी, नरेन्द्र राहुरेकर का आर्ट डिरेक्शन… सब कुछ साधारण ही है. ईन फॅक्ट, टॅक्निकली यह फिल्म कॉमेडी कॉमेडी के नारे लगाती जो फिल्में हिछले तीन-चार सालों से दर्शको को बहेलाती (या परेशान करती) रही है, उसीकी एक और आवॄत्ति जैसी है. नथिंग स्पॅशियल. विदेशी नाटक से प्रेरित कहानी को पटकथा के कपडे़, जो कुछ पुराने धागे-टुकडें मिले उन्ही की सहायता से, पहना दिये है रॉबिन भट्ट और युनुस सेजावल ने. बंटी राठौड और साजिद फरहाद के संवाद भी कुछ ऐसे ही है. फिर भी यदि संजुबाबा की ऍन्ट्री के बाद अगर फिल्म हल्कीफुल्की बन जाती है, दर्शकों को कुछ लाफ्टर्स नसीब हो जाते है तो उसका श्रेय कलाकारो और निर्देशक को जाता है. और हां, लाफ्टर्स बांटने मे बडे़ कलाकारों से ज्यादा योगदान देते है मुकेश तिवारी, अश्विनी कलसेकर, संजय मिश्रा, अतुल परचुरे, विजय पाटकर और यॅस, जोनी लिवर जैसे कलाकार. कॉमेडी के अच्छे जानकार यह कलाकार फिल्म को एकदम मामूली होने से बचा लेते है. और मुख्य कलाकारों का काम?

वॅल, कॉमेडी को कडक, मसालेदार और मालदार बनाने के लिये कलाकारों का अच्छा कॉम्बिनेशन बनना जरूरी होता है. यहां ऐसा परफॅक्ट कॉम्बिनेशन बना नहि है. अजय देवगन ठीकठाक रहते है तो फरदीन कहीं ख्या हुआ और, उसके सर पे जो जिम्मेदारी रखी गई है उसे निभाने में कच्चा पडता दिखाई देता है. जिस तरह बेहद मामूली द्रश्यों को डु नॉट डिस्टर्ब में डॅविड धवन, गोविंदा और रितेश देशमुख का कॉम्बिनेशन ने देखनेलायक बनाए वैसा यहां पर नहि हो सका है. संजय दत्त, बेशक, सभी कलाकारों में, सबसे सशक्त साबित होते है. बिपाशा ऑके है तो मुग्धा  उसे मिले फूटेज का फायदा उठाने के लिये कोशिश करती रहती है.

रोहित शेट्टी को ऑल द बॅस्ट के लिये पास करार दिया जाए या फॅल? यहां पर ये बात याद रहे कि अपनी पिछली फिल्मों मे रोहित को अच्छी स्क्रिप्ट का मजबूत सहारा मिला था. ईस बार उनके पास ऐसा ऍडवान्टेज नहि है. निर्माण बहूत ही अच्छा होने के बावजूद और बडे़ नाम जूडे होने के बाद भी ऑल द बॅस्ट में काफी कुछ कमी महसूस होती है. अगर किसी चीज की कमी नहि है तो वो है अच्छे नसीब की, क्यूंकि उसकी दोनो प्रतिस्पर्धी फिल्में उससे कमजोर है. उस पर दर्शकों को भी कॉमेडी फिल्में देखना ज्यादा पसंद है. ईसलिए, सब मिलाकर ऑल द बॅस्ट ठीकठाक ही लगेगी सबको और ठीकठाक ही चलेगी. अगर आपको कुछ और करने का विचार नहि आ रहा तो, सिर्फ तो ही, ऑल द बॅस्ट देखना.

रॅटिंग * * १/२

VN:F [1.9.10_1130]
Rating: 0.0/10 (0 votes cast)
VN:F [1.9.10_1130]
Rating: 0 (from 0 votes)
Related Posts with Thumbnailspixelstats trackingpixel